त्याग और साहस का संदेश लेकर मनाई गई भगत सिंह जयंती


धानापुर (चंदौली)।  शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की जयंती रविवार को अदनान फाउण्डेशन के तत्वाधान में कस्बा स्थित कैम्प कार्यालय पर भावपूर्ण तरीके से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।डॉ अरविन्द मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार भगत सिंह ने अपने छोटे से जीवन में देशभक्ति का ऐसा दीप जलाया, जो हर युवा को रोशनी दिखाता है। उन्होंने अपने अदम्य साहस और त्याग से यह साबित कर दिया कि स्वतंत्रता और देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करना ही सबसे बड़ा धर्म है। आज हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में ईमानदारी, न्याय और देशभक्ति को आगे बढ़ाना चाहिए। किसी भी प्रकार की असमानता, आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ सजग रहना हमारी जिम्मेदारी है।एम अफसर खान 'सागर' ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता के लिए भगत सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दी। फांसी के फंदे पर झूल कर उन्होंने यह संदेश दिया कि मुल्क के लिए सर्वोच्च बलिदान देना ही सच्ची देशभक्ति है। उनके सपनों की आज़ादी के लिए उन्होंने अपने जीवन को बलिदान कर दिया और उनकी शहादत आज भी हर हिंदुस्तानी के हृदय में जीवित है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भगत सिंह की तरह देश की सीमाओं पर सतर्क रहें और आतंकवाद एवं साम्प्रदायिकता के खिलाफ हमेशा सजग रहें।कार्यक्रम में रामविलास कुशवाहा, मो आरिफ, डॉ राजीव मिश्र, रकीम खान, वसी खान सहित गणमान्य लोग मौजूद थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता एम. अफसर खान 'सागर' ने किया। कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों के हृदयों में भगत सिंह की देशभक्ति और त्याग की भावना को फिर से जीवंत कर दिया।

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