जल की बर्बादी से मानव सभ्यता पर गहरा सकता है संकट
विश्व जल दिवस पर अदनान फाउण्डेशन की 'जल है तो कल है' विषयक गोष्ठी धानापुर-चंदौली। अदनान फाउण्डेशन द्वारा सोमवार को कस्बा स्थित कैम्प कार्यकाल पर विश्व जल दिवस पर जल है तो कल है विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। एडवोकेट उपेन्द्र कन्नौजिया ने कहा कि जल ही समस्त भौतिक वस्तुओं का कारण और समस्त प्राणी जीवन का आधार है, परंतु अफसोस के साथ कहना होगा कि पूरी दुनिया तब से अब तक इस अमूल्य धरोहर को सहेजने में विफल रही है। आज जरूरत है जल को बचाने और इसके बेहतर उपयोग की। उन्होंने कहा कि दुनिया को पानी बचाना कितना जरूरी है, इस बात का इसी से अंदाज लगा सकते हैं कि यह हमारा मूलभूत संसाधन है, इससे कई काम संचालित होते हैं और इसकी कमी से ज्यातार क्रिया कलाप ठप हो सकते हैं। अस्तित्व पर संकट गहरा सकता है। फाउण्डेशन के प्रंबधन निदेशक एम. अफसर खान सागर ने कहा कि हमें जल के महत्व को समझने की जरूरत है। पृथ्वी का तकरीबन 71 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पानी से भरा है लेकिन मीठे जल की मात्रा काफी कम है। एक अध्ययन के मुताबिक दुनिया में 10 में से 2 व्यक्तियों को पीने का साफ पानी नही...