श्रद्धांजलि
फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को दी गई श्रद्धांजलि
धानापुर-चन्दौली (यूपी)। देश के दमदार धावक व अपनी उपलब्धियों से दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले एथलीट मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर छा गयी। शनिवार 19 जून को कस्बा स्थित पठानटोली में अदनान फाउंडेशन द्वारा शोक सभा कर मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दो मिनट का मौन रखा गया।
शोक सभा में विचार व्यक्त करते हुए शिक्षक सुहेल खान ने कहा कि महान ऐथलीट मिल्खा सिंह भले हमारे बीच अब न रहे हों, लेकिन ट्रैक ऐंड फील्ड में जो उनकी अनगिनत उपब्धियां हैं उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने पाकिस्तान में जा कर देश का झंडा बुलंद किया था, 1960 में अब्दुल खालिक को हराने के बाद पाकिस्तान के तत्कालिन जनरल अयूब खान ने मिल्खा सिंह से कहा था, 'आज तुम दौड़े नहीं उड़े हो। इसलिए हम तुम्हें फ्लाइंग सिख का खिताब देते हैं।'
फाउंडेशन के संस्थापक व प्रबन्ध निदेशक एम. अफसर खान ने कहा कि भारतीय खेल का जब भी जिक्र होगा मिल्खा सिंह का नाम सबसे ऊपर की लिस्ट में लिखा जाएगा। वह देश के पहले ट्रैंक ऐंड फील्ड सुपर स्टार थे। मिल्खा सिंह की पहचान एक ऐसे ऐथलीट के रूप में थी जो बेहद जुनूनी और समर्पित ऐथलीट के रूप में थी। उनका जाना एक युग के समाप्त होने जैसा है।
इस दौरान इसरारुल हक खान, शाहिद खान, आरिफ खान, तबरेज खान, नसीरुल होदा, आमिर खान, शेरू आदि मौजूद रहे।



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