संदेश

त्याग और साहस का संदेश लेकर मनाई गई भगत सिंह जयंती

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धानापुर (चंदौली)।  शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की जयंती रविवार को अदनान फाउण्डेशन के तत्वाधान में कस्बा स्थित कैम्प कार्यालय पर भावपूर्ण तरीके से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।डॉ अरविन्द मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार भगत सिंह ने अपने छोटे से जीवन में देशभक्ति का ऐसा दीप जलाया, जो हर युवा को रोशनी दिखाता है। उन्होंने अपने अदम्य साहस और त्याग से यह साबित कर दिया कि स्वतंत्रता और देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करना ही सबसे बड़ा धर्म है। आज हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में ईमानदारी, न्याय और देशभक्ति को आगे बढ़ाना चाहिए। किसी भी प्रकार की असमानता, आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ सजग रहना हमारी जिम्मेदारी है।एम अफसर खान 'सागर' ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता के लिए भगत सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दी। फांसी के फंदे पर झूल कर उन्होंने यह संदेश दिया कि मुल्क के लिए सर्वोच्च बलिदान देना ही सच्ची देशभक्ति है। उनके सपनों की आज़ादी के लिए उन्होंने अपने जीवन...

भाषा से बढ़कर, भावनाओं का पर्व है हिन्दी दिवस - एम. अफसर खान

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धानापुर चन्दौली (उत्तर प्रदेश)। अदनान फाउंडेशन द्वारा संचालित धानापुर साहित्यिक मंच ने रविवार को कस्बा स्थित पठानटोली में हिंदी दिवस को सिर्फ़ एक औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर, उसे एक संवेदना और संकल्प का उत्सव के रूप में मनाया।  समारोह में जब स्थानीय साहित्यकार, शिक्षाविद, समाजसेवी और युवा एक साथ जुटे तो लगा मानो भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाला पुल है। पूरे आयोजन का माहौल हिंदी की मिठास और साहित्यिक गरिमा से सराबोर रहा। एम. अफसर खान 'सागर' ने कहा कि हिंदी सिर्फ़ हमारी मातृभाषा नहीं, यह भारतीयता की आत्मा है। हमें चाहिए कि इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी और शिक्षा में पूरी शिद्दत से अपनाएँ। तभी आने वाली पीढ़ियाँ अपनी भाषा पर गर्व महसूस करेंगी। हिंदी की सबसे बड़ी ताक़त उसकी सरलता और आत्मीयता है, जो देश को एक सूत्र में पिरोती है। उन्होंने कहा कि हिन्दी दिवस केवल तारीख़ पर मनाया जाने वाला पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा और अस्मिता को बचाने का संकल्प है। हमें इसे नई पीढ़ी तक सौंपना ही सबसे बड़ा धर्म है। इस अवसर पर डॉ अरविन्द मिश्र, राजीव कुमार, इसरारुल हक, अशफाक खान,...

श्रद्धांजलि

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  फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को दी गई श्रद्धांजलि   धानापुर - चन्दौली (यूपी)। देश के दमदार धावक व अपनी उपलब्धियों से दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले एथलीट मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर छा गयी। शनिवार 19 जून को कस्बा स्थित पठानटोली में अदनान फाउंडेशन द्वारा शोक सभा कर मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दो मिनट का मौन रखा गया। शोक सभा में विचार व्यक्त करते हुए शिक्षक सुहेल खान ने कहा कि महान ऐथलीट मिल्खा सिंह भले हमारे बीच अब न रहे हों , लेकिन ट्रैक ऐंड फील्ड में जो उनकी अनगिनत उपब्धियां हैं उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने पाकिस्तान में जा कर देश का झंडा बुलंद किया था , 1960 में अब्दुल खालिक को हराने के बाद पाकिस्तान के तत्कालिन जनरल अयूब खान ने मिल्खा सिंह से कहा था , ' आज तुम दौड़े नहीं उड़े हो। इसलिए हम तुम्हें फ्लाइंग सिख का खिताब देते हैं। ' फाउंडेशन के ...

पर्यावरण दिवस

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  पर्यावरणीय प्रदूषण से पृथ्वी को करना होगा मुक्त धानापुर-चन्दौली (यूपी)। अदनान फाउण्डेशन द्वारा शनिवार 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस दौरान प्रदूषण मुक्त पृथ्वी विषयक वर्चुअल गोष्ठी आयोजित की गयी। अदनान फाउण्डेशन के संस्थापक व प्रबन्ध निदेशक एम अफसर खान सागर ने कहा कि पर्यावरण ही पृथ्वी पर जीवन का आधार है। आज हम पर्यावरण के संरक्षण का महत्व नहीं समझ पा रहे हैं। निरंतर प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, जिससे सारी पृथ्वी प्रदूषित हो रही है और मानव सभ्यता पर संकट मंडरा रहा है! पर्यावरण संरक्षण न केवल मानव के लिए बल्कि अन्य जीवित प्राणियों के लिए भी बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध पेड़ों, वनों एवं जंगलों की कटाई से पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचा है। आवश्यकता है पर्यावरण संरक्षण का। पेड़ लगाएं, जल संरक्षण किया जाए। प्लास्टिक का उपयोग बन्द करने की दिशा में कार्य हो तब जा कर हम पृथ्वी को अपने रहने लायक बना पाएंगे वरना पृथ्वी पर बढ़ता प्रदूषण हमें एक दिन अपने चपेट में ले लेगा! इस दौरान आगामी दिनों में वृक्षारोपण करने एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। वर्चुअल गोष्ठी में...

जल की बर्बादी से मानव सभ्यता पर गहरा सकता है संकट

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  विश्व जल दिवस पर अदनान फाउण्डेशन की 'जल है तो कल है' विषयक गोष्ठी धानापुर-चंदौली। अदनान फाउण्डेशन द्वारा सोमवार को कस्बा स्थित कैम्प कार्यकाल पर विश्व जल दिवस पर जल है तो कल है विषयक गोष्ठी आयोजित की गई।  एडवोकेट उपेन्द्र कन्नौजिया ने कहा कि जल ही समस्त भौतिक वस्तुओं का कारण और समस्त प्राणी जीवन का आधार है, परंतु अफसोस के साथ कहना होगा कि पूरी दुनिया तब से अब तक इस अमूल्य धरोहर को सहेजने में विफल रही है। आज जरूरत है जल को बचाने और इसके बेहतर उपयोग की। उन्होंने कहा कि दुनिया को पानी बचाना कितना जरूरी है, इस बात का इसी से अंदाज लगा सकते हैं कि यह हमारा मूलभूत संसाधन है, इससे कई काम संचालित होते हैं और इसकी कमी से ज्यातार क्रिया कलाप ठप हो सकते हैं। अस्तित्व पर संकट गहरा सकता है।      फाउण्डेशन के प्रंबधन निदेशक एम. अफसर खान सागर ने कहा कि हमें जल के महत्व को समझने की जरूरत है। पृथ्वी का तकरीबन 71 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पानी से भरा है लेकिन मीठे जल की मात्रा काफी कम है। एक अध्ययन के मुताबिक दुनिया में 10 में से 2 व्यक्तियों को पीने का साफ पानी नही...

घर आंगन की चहक गौरैया को बचाना जरूरी

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अदनान फाउण्डेशन द्वारा विश्व गौरैया दिवस पर 'घर आंगन की चहक रहे बरकरार' विषयक गोष्ठी का हुआ आयोजन।  धानापुर-चन्दौली। अदनान फाउण्डेशन द्वारा शनिवार को विश्व गौरैया दिवस पर कस्बा स्थित कैम्प कार्यालय पर गौरैया संरक्षण का संकल्प लेते हुए 'घर आंगन की चहक रहे बरकरार' विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में विलुप्त हो रही गौरैया के प्रति चिंता व्यक्त की गई और उन्हें बचाने की शपथ ली गई। अदनान फाउण्डेशन के संस्थापक व प्रबन्ध निदेशक एम. अफसर खान सागर ने कहा कि गौरैया घर आंगन की रौनक बढ़ाने वाली पक्षी है। यह खुशहाली और उल्लास का प्रतीक है। इसकी हिफाजत करना हम सबकी जिम्मेदारी है। कुछ साल पहले तक गौरैया का झुंड बड़ी आसानी से घरों, गाँव, खेत-खलिहान व सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी आसानी से दिख जाते थे मगर अफसोस गौरैया आज संकटग्रस्त पक्षी की श्रेणी में आ गई है, जो पूरे विश्व में तेजी से कम हो रही है। कभी कच्चे घर, पशुशाला और आंगन गौरैया के आशियाना होते थे अब ये सब भौतिकता के भेंट चढ़ गए। उन्होंने कहा कि शहरीकरण ने हमारे गाँव की दहलीज को अपने गिरफ्त में ले लिया है, जिस वजह से हम...

अदनान फाउण्डेशन का हुआ गठन

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धानापुर-चन्दौली।  सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक व साहित्यिक सहित अन्य समाज कल्याण के उद्देश्यों से अदनान फाउण्डेशन का बुधवार को भारतीय ट्रस्ट अधिनियम के तहत गठन किया गया। अदनान फाउण्डेशन के संस्थापक/ प्रबन्ध निदेशक एम. अफसर खान 'सागर' ने बताया कि समाज में मानवतावादी भावना के तहत लोक कल्याण के उद्देश्यों से फाउण्डेशन का स्थापना किया गया है।  अदनान फाउण्डेशन द्वारा धानापुर साहित्यिक मंच का संचालन किया जाएगा, जिसके द्वारा साहित्य के उत्थान एवं प्रसार हेतु समय-समय पर साहित्यिक आयोजन होगा तथा इस क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित व सम्मानित भी किया जाएगा। हर वर्ष फाउण्डेशन द्वारा धानापुर महोत्सव कराये जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा फाउण्डेशन द्वारा राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व ग्राम्य सेवा के कार्यों में भागीदारी रहेगी। फाउण्डेशन द्वारा सर्व समाज में भारतीयता की भावना का संचार कर लोगों में राष्ट्रभक्ति व समाजसेवा की भावना को प्रबल बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फाउण्डेशन द्वारा संचालित द यंग मुस्लिम फोरम के द्वा...